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रविवार, 26 जुलाई 2009

भारतीय सैनिकों को अनेकानेक नमन


कारगिल युद्घ प्रदेश के लोगो लिए मात्र एक युद्घ ना हो कर ऐसी विजय गाथा है जिसे 52 वीर योधाओं ने अपने प्राणों की आहुति दे कर लिखा ! इन शहीदों की कुर्बानी के आलावा हमारे अनेक वीर जवानों ने जो अभूतपूर्व सहस दिखाया उसे सुन कर आज हम गौरवान्वित होते है ! इन शेर दिल जवानों के कारण ही 25 जुलाई 1999 को हमने एक इतिहास की रचना की ! यह पल अमर शहीदों को श्रधांजलि अर्पित करने और उनके बलिदान पर अभिमान करने का है क्योंकि जब हिमाचल के वीर जवान सीमा पर नज़र रखते है तो दुश्मन भीतर तक हिल जाता है ! कारगिल के योधाओं में पालमपुर के विक्रम बतरा धरमशाला के सौरभ कालिया प्रमुख है! शिमला जिला से जिन जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी उनमे यशवंत सिंह, नरेश कुमार , अनत राम, प्रमुख है जबकि राजीव कुमार ने अपनी टांगे खोई ! सोलन से दो वीर जवानों धरमेंदर और प्रदीप कुमार ने युद्घ क्षेत्र में अपनी बहादुरी से दुशमनों के दांत खट्टे किये !मंडी जिला के सरवन कुमार, राजेश चौहान नरेश कुमार गुरदास, श्याम लाल, जगदीश, टेक चंद, दीपक गुलेरिया , हिरा सिंह, खेम चंद राणा, पूरण चंद, किशन चंद, ने वीरता दिखाई ! सिरमौर जिला के नाहन से कुलविंदर सिंह , कुल्लू जिला से डोला राम हमीरपुर से कश्मीर सिंह, राज कुमार, दिनेश कुमार, दीप चंद, स्वामी दास चंदेल, राकेश कुमार, प्रवीण कुमार, सुनील ने अपनी अभूतपूर्व वीरता का प्रदर्शन कर प्राणों की आहुति दी ! आज विजय दिवस के अवसर पर सभी भारतीय सैनिकों को अनेकानेक नमन !

रविवार, 31 मई 2009

Maa Bhima Kali temple in Rampur Bushehar is one of the famous temples among a number of pilgrimages in Himachal Pradesh .People from neighboring states as well as Himachalies have great faith in Maa Bhima Kali ,who is the deity of the dynasty of Rampur Bushehar .
There is a myth behind the establishment of the goddess in Sarahan area .It is said that Vanasur was the eldest among a hundred sons of king Bali ,the great grantson of king Prahlad .
The main Gods and Goddesses of Kinnaur are considered the offspring of Vanasur and Goddess Hidimba.
In the war which took place after the famous Usha-Anirudh love legend, Lord Shiva took the side of Vansur ,and had to face Lord Krishna. After the war , Pradyuman, son of Lord Krishna, reigned over the kingdom . Since then people of the area have been following the traditions and customs of the pradyuman-Anirudha dynasty. This famous dynasty built the temple of Maa Bhima K ali inside the palace .On the temple premises, there are three courtyards, and at the top courtyard, two five storey buildings of BhimaKali are made in sculpted wood.
On the top storey of the new building, an idol of BhimaKali is situated. And at the lower storey, aspects of the goddesses Sita and Parvati,also known as Himalayan daughter married to Lord Shiva , are situated. On the temple premises there are temples of Lord Raghunath, Narsingha and Lakdaveera. . People visit this place from distant areas, especially during Navraatras.
Routes:-
Situated at about 170 km from shimla, the temple is located at a height of 2150 mtrs. Good lodging facilities are available form tourists, whith an in located near the temple. There are also to private houses where devotees from distant places can stay. One can reach BhimaKali Temple via Theog , Kumarsain Narkanda ,Rampur or Jeori.

ब्लोगिंग

इन्टरनेट की दुनिया में ब्लोगिंग तेज़ी से बढ़ रही है ! चाहे युवा ही या प्रोढ़ हर उमर का यूजर आज ब्लोगिंग के मोहपाश में बंधता जा रहा है ! शोकिया तोर पर शुरू की गई ब्लोगिंग अब कमाई का साधन बनता जा रहा है ! ब्लोग्गेर्स अपने विचारों को प्रस्तुत कराने के साथ साथ अच्छी कमाई भी कर रहे है ! एजूकेशन हब के अनेको विद्यार्थी ब्लोगिंग से अपनी आर्थिक स्थिति में बढोतरी कर रहे है ! ब्लॉग में माध्यमहै ! इनमें वेबपेज की प्रसिद्दि के अनुसार विज्ञापन लिंक एपी उत्पादन बिक्री वेबसाइट प्रमोशन आदि अनेक काम है ! बलोगर डॉट कॉम पर नियमित ब्लॉग पोस्ट कराने से प्रति मास कमी की जा सकती है ! सफल ब्लोगर बताते हैं की अपनी यादें विचार सलाह उपलब्धि सहित अनेक जानकारी अच्छी कमाई का माध्यम बनती है ! कम्पनिओं ने भी इस से लाभ लेना शुरू कर दिया है ! जानकर कहते है की ब्लोगिंग एक प्रकार की दुकाने है! जिसकी दुकान जयादा चमकदार होगी उस पर ग्राहक तो आएंगे ही ! ठीक वेसे ही ब्लॉग पेज पर ज्यादा से ज्यादा लोग क्लीक करेंगे तो वेबपेज पर ट्राफिक बढेगा !अब प्रशन है की केसे शुरुआत की जाए ? अनुभवी ब्लोगर्स बताते है की सबसे पहले फ्री ब्लॉग सर्विस प्रोविडर वेबसाइट पर अपना ब्लॉग पंजीकृत करें ! केवल मैड फॉर ऐड सेंस साईट के लिए ना सोचे ! एक ही अर्निंग पर निर्भर ना रहें ! ब्लॉग प्रमोट करें और नियमित न्यूज़ लेटर भेजें ! फीड बर्नर डॉट कॉम जैसी साईट पर साईट लिंक करे ! पाठकों को सदस्यता दें ! ब्लॉग को नियमित नया और रुचिकर बनाये ! पाठकों को उतर दें ! सुन्दर टेम्लेट का चयन करें ! सर्च इंजिन में टॉप रंकिंग के लिए एसइओ का प्रयोग करें ! सबसे बढ़ी बात है की ब्लोग्स में ईमानदारी बरतें !ब्लोगिंग तन्हाई भगाने के साथ पैसा कमाने का भी अच्छा साधन है ! दुनिया भर के लोगो में ब्लोगिंग का शोक बढ़ रहा है ! अपने विचारों को सुन्दरता से प्रस्तुत करे ! मैंने ब्लॉग लिखना अभी 6 मास पहले ही शुरू किया है ! बेशक मुझे अभी कोई ऐड नही मिली किन्तु मुझे इस माध्यम से बहुत लाभ पहुँचा है ! मैं अनुभवी ब्लोगर्स के सम्पर्क में आया हूँ ! जानकारी से भरी पूरी साईट से जुड़ने का अवसर मिला है ! सबसे बढ़ी बात है की जो लेखन मेरा छुट रहा था उसमें कुछ गति आ रही है !नए ब्लोगर्स tips-hindi.blogspot.com पर जा कर महत्वपूरण जानकारी प्राप्त कर सकते है ! नया ब्लॉग बनने के लिए blogger.com, problogger.com, bloggingtips.com , technorati.com, instablogs.com या ऐसी ही किसी साईट पर जाकर अपना ब्लॉग पंजीकृत करवा सकते है ! उमीद है आप अपना ब्लॉग बनायेंगे अगर हाँ तो मुझे भी बताना ! आपको शुभ कामनाएं

शनिवार, 30 मई 2009

अमेरिकन मेडिकल एसोसिअसन कि पत्रिका के अनुसार टाइप टो द्य्बितिज कि चपेट में युवा अधिक अ रहे है !दरअसल फास्ट फ़ूड के चलन से शारीरिक श्रम में कमी इसकी मुख्य कारन है भारत में दिअबितिज के मरीजों कि संख्या लगभग चार करोर है

शुक्रवार, 8 मई 2009

कोटेश्वर महादेव की केदारनाथ यात्रा, मंगलमय हो.

कोटेश्वर महादेव की केदारनाथ यात्रा, मंगलमय हो.
जयकार देवा

८ मई २००९ को श्री कोटेश्वर महादेव जी अपनी चिर -प्रतीक्षित केदारनाथ यात्रा पर निकल रहे हैं , उन के साथ उन के जिन सेवको को जाने का शुभ अवसर मिला है वह सभी जहाँ बधाई के पात्र हैं वही उन सभी का जीवन सफल हो गया है, क्यूंकि महादेव का पावन सानिध्य पाना धार्मिक जीवन जीने वाले भक्तों की आलोकिक पहचान है। महादेव की केदारनाथ यात्रा केवल एतिहासिक घटना मात्र नही है अपितु ईश्वरीय सता का एक आलोकिक घटनाक्रम है जिस पर चलकर महादेव को अपनी विद्यमानता का परिचय अपने सेवकों को देना है। कुछ वर्ष पूर्व पीछे चलकर यदि हम मनन करें , इस यात्रा पर महादेव जाने के इच्छुक रहें हैं परन्तु नियति को जो मंजूर होता है वही होता है। आज समय बलवान हुआ है कोटेश्वर महादेव की यह इच्छा यात्रा कुमारसैन में एक नये युग का आरम्भ करने जा रही है भगवन शंकर जिन के स्वरूप में हम कुमारसैन जनपद के तथा महादेव में अघाध श्रधा रखने वाले सेवक महादेव के श्रीचरणों में अपना शीश नतमस्तक कर प्रार्थना करते हैं कि महादेव अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाये रखे तथा जो भी उन के भक्तों पर या फ़िर कुमारसैन की उस माटी से "जिस पर चूहा बिली को खा जाता हो, अर्थात कमजोर से कमजोर व्यक्ति भी बेखोप जिस धरा पर स्वतन्त्रता से विचरण कर सकता हो", कपट करेगा उस को जो दैविक दंड हो से महादेव प्रताडित करेगें। मैं उन आखों को सदर प्रणाम करता हूँ जो इस शुभ दिन को देखकर धन्य हुई हैं मैं उन तमाम भक्तों को शुभकामना तो देता ही हूँ जो महादेव के साथ इस शुभ कार्य में सह्पथगामी बने हैं साथ ही मैं उन के चरणों की वन्दना करता हूँ जो महादेव के पदचिन्हों पर चलकर पवित्र हुए हैं। " मैं प्रार्थना करता हूँ शिव शंकर से, जब महादेव केदारनाथ से वापिस आयगें मुझे अपना आर्शीवाद देकर अपने श्रीचरणों में बुलाकर अनुग्रिह्त करें , ताकि मैं आप के दिव्य स्वरूप के आलोकिक दर्शन कर सकूं , मैं आप की उस छवि को निहार सकू जिस का आभास आप अक्सर अपने इस तुच्छ दास को कराते रहतें हैं "। हमारा कुमारसैन हर तरह से खुशहाल हो , कुमारसैन पर ईश्वरीय कृपा बरसे, आपसी झगडों का काला साया भी जनमानस पर न बरपे , हमारा भारत भय और आतंक मुक्त बने इसी एक कामना के साथ: कोटेश्वर सेवक:- अमृत